पित्ताशय की पथरी के लिए कौन सी आयुर्वेदिक दवा सबसे अच्छी है?HealthPlanet

Posted on Mon 5th Dec 2022 : 14:44

इन घरेलू उपचार से खत्म करें पित्त की थैली में पथरी की समस्या

जूस के फायदे
पित्त की थैली यानि गॉलब्लेडर, शरीर का एक छोटा सा अंग है जो लीवर के ठीक पीछे होता है. इसका कार्य पित्त को संग्रहित करना तथा भोजन के बाद पित्त नली के माध्यम से छोटी आंत में पित्त का स्त्राव करना है. पित्त रस वसा के अवशोषण में मदद करता है. कभी-कभी पित्ताशय में कोलेस्ट्रॉल, बिलीरुबिन और पित्त लवणों का जमाव हो जाता है. अस्सी प्रतिशत पथरी कोलेस्ट्रॉल की बनी होती है. धीरे-धीरे वे कठोर हो जाती है तथा पित्ताशय के अंदर पत्थर का रूप ले लेती है. ज्यादातर डॉक्टर इनका इलाज केवल ऑपरेश ही बताते हैं. लेकिन पित्त की पथरी का घरेलू उपचार भी संभव है जिसके बारे में आपको बताने जा रहे हैं. ध्यान रखें कोई भी घरेलू नुस्खा अपनाने से पहले एक बार विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें.

अगर आप भी इस समस्या से ग्रस्त हैं तो ऑपरेशन का विकल्प चुनने से पहले प्राकृतिक रूप से इसे दूर करने की कोशिश करें. कई तरह के रसों के द्वारा पथरी का प्राकृतिक तरीके से प्रभावी उपचार किया जा सकता है. विभिन्न रस जैसे चुकंदर का रस, नाशपाती का रस और सेब का रस लीवर को साफ करने में मदद करता है. पथरी बनने से रोकने के लिए इन तीनों रसों के मिश्रण का सेवन करें.
संतरा/मौसमी/ टमाटर
ऐसे फलों का जूस पी सकते हैं जिनमें विटामिन सी प्रचुर मात्रा में हो जैसे संतरा, टमाटर आदि. इनमें मौजूद विटामिन सी शरीर के कोलेस्ट्रॉल को पित्त अम्ल में परिवर्तित करती है जो पथरी को तोड़कर बाहर निकालता है. आप विटामिन सी संपूरक ले सकते हैं. पथरी के दर्द के लिए यह एक उत्तम घरेलू उपचार माना गया है.

गाजर और ककड़ी का रस
अगर आपको पित्त की पथरी की समस्या है तो गाजर और ककड़ी का रस प्रत्येक 100 मिलिलीटर की मात्रा में मिलाकर दिन में दो बार पीएं. इस समस्या में ये अत्यन्त लाभदायक घरेलू नुस्खा माना जाता है. ये कॉलेस्ट्रॉल के सख्त रूप को नर्म कर बाहर निकालने में मदद करती है.

हल्दी
पथरी के लिए यह एक उत्तम घरेलू उपचार है. यह एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेट्री होती है. ऐसा माना जाता है कि एक चम्मच हल्दी लेने से लगभग 80 प्रतिशत पथरी खत्म हो जाती है.

एप्पल साइडर विनेगर
एप्पल साइडर विनेगर की अम्लीय प्रकृति लीवर को कोलेस्ट्रॉल बनाने से रोकती है जो अधिकांश पथरियों का कारण होता है. यह दर्द समाप्त करने में सहायक होता है.

ध्यान रखिए पित्त के मामले में किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.

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